क्या नाबालिक लड़की अपना गर्भपात करवा सकती है ?
भारत में, नाबालिग लड़की (18 वर्ष से कम उम्र) अपने गर्भपात के संबंध में स्वतंत्र रूप से निर्णय नहीं ले सकती। गर्भपात से जुड़े कानूनी पहलुओं को समझने के लिए हमें मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, 1971 और POCSO एक्ट, 2012 को देखना होगा।
1. मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) एक्ट, 1971
• इस कानून के तहत, यदि गर्भ 20 सप्ताह के भीतर है, तो एक पंजीकृत डॉक्टर (Registered Medical Practitioner) की सलाह पर गर्भपात किया जा सकता है।
• 20 से 24 सप्ताह के बीच, गर्भपात केवल कुछ विशेष परिस्थितियों (जैसे बलात्कार पीड़िता, नाबालिग, मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला) में किया जा सकता है, जिसके लिए एक मेडिकल बोर्ड की अनुमति आवश्यक होती है।
2. POCSO एक्ट, 2012 और नाबालिगों के अधिकार
• POCSO (Protection of Children from Sexual Offences) एक्ट के अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की का यौन संबंध कानूनी रूप से “बलात्कार” माना जाता है, भले ही वह सहमति से हुआ हो।
• अगर नाबालिग गर्भवती होती है, तो डॉक्टर को इसकी सूचना पुलिस को देना अनिवार्य होता है।
3. क्या नाबालिग बिना माता-पिता/अभिभावक की सहमति से गर्भपात करा सकती है?
• 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की को अपने गर्भपात के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति (Guardian’s Consent) आवश्यक होती है।
• डॉक्टर बिना अभिभावक की सहमति के नाबालिग का गर्भपात नहीं कर सकते।
4. गोपनीयता और सुप्रीम कोर्ट का रुख
• सुप्रीम कोर्ट ने कुछ मामलों में कहा है कि नाबालिगों को भी गोपनीयता का अधिकार है और गर्भपात से संबंधित जानकारी सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए।
• लेकिन अगर गर्भ ठहरने का कारण यौन अपराध (जैसे बलात्कार या सहमति से संबंध) है, तो डॉक्टर को पुलिस को सूचित करना पड़ेगा।
निष्कर्ष
• नाबालिग लड़की को गर्भपात करवाने के लिए अपने माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति लेनी होगी।
• डॉक्टर को गर्भपात करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि गर्भपात कानून के तहत वैध है।
• गोपनीयता का अधिकार होते हुए भी, POCSO एक्ट के कारण पुलिस को सूचित किया जा सकता है।
अगर मामला संवेदनशील है, तो बेहतर होगा कि किसी कानूनी विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह ली जाए।